Bihar Gowth Issue

Bihar Growth Issue : क्यों Bihar अभी तक Growth की Race में पीछे है?

Bihar Gowth Issue

आज भी Bihar के आम लोगों की ज़िंदगी मुश्किलों से भरी हुई है। गाँव हो या शहर, बिजली कटौती और टूटी-फूटी सड़कों की समस्या रोज़मर्रा का हिस्सा है। किसान अपनी मेहनत का सही दाम नहीं पा रहे, जिससे उनकी हालत लगातार बिगड़ रही है। स्कूलों में बच्चों को free शिक्षा तो मिल रही है, लेकिन quality इतनी कमजोर है कि students सही तरह से पढ़ाई नहीं कर पा रहे। हालात ऐसे हैं कि कई बच्चे पढ़ाई छोड़कर मज़दूरी करने को मजबूर हैं। युवाओं के पास रोज़गार के अवसर नहीं हैं, इसलिए लाखों लोग Delhi, Punjab और Mumbai जैसे शहरों में पलायन कर जाते हैं।

यही नहीं, Bihar का social impact भी गहरा है — personality development और confidence की कमी साफ दिखाई देती है। जब दुनिया digital revolution और innovation की तरफ बढ़ रही है, तब भी कई बिहारी youths basic skills से जूझ रहे हैं। सबसे दुखद पहलू ये है कि आज भी कई जगहों पर “बिहारी” शब्द को insult की तरह use किया जाता है, जो हमारी image problem को और बड़ा बना देता है।

असल सवाल यही है कि आखिर क्यों Bihar आज भी growth की दौड़ में इतना पीछे है? क्या वजह सिर्फ infrastructure की कमी है, या फिर education, farming और employment system में गड़बड़ी? या फिर इसके पीछे कोई और ही असली कारण छिपा हुआ है? यही है असली Bihar Growth Issue, जिस पर गहराई से सोचने की ज़रूरत है।

Bihar Growth Issue के छोटे-छोटे कारण

1. Infrastructure की कमी

Bihar के पिछड़ेपन के पीछे केवल एक ही कारण नहीं है, बल्कि कई छोटे-छोटे कारण भी ज़िम्मेदार हैं। चलिए पहले जान लेते हैं कि ये कौन-कौन सी समस्याएँ हैं, जो सामने तो दिखाई देती हैं लेकिन असल में इनकी आड़ में वह बड़ा कारण छुपा रहता है जिसने Bihar को आज भी Growth की race से दूर रखा है।

सड़कें टूटी हुई हैं, बिजली का कोई भरोसा नहीं, और transport system बेहद कमजोर है। यही हाल आज भी Bihar के villages और towns का है। जब तक basic infrastructure मजबूत नहीं होगा, तब तक industry और investment यहाँ टिक नहीं पाएंगे।

2. रोजगार और Industry की कमी

3. Agriculture की समस्याएँ

Industries लगभग न के बराबर हैं। इसका सीधा असर यह है कि educated youth को job opportunities नहीं मिल पातीं और उन्हें मजबूरी में Delhi, Punjab और Mumbai जैसे states में पलायन करना पड़ता है। यह brain drain Bihar की economy को हमेशा कमजोर बनाए रखता है।

किसान Bihar की रीढ़ हैं, लेकिन सबसे ज़्यादा परेशान भी वही हैं। फसल का उचित दाम नहीं मिलता, irrigation system कमजोर है और modern technology का इस्तेमाल बहुत कम होता है। इस वजह से किसान आर्थिक रूप से हमेशा पिछड़ जाते हैं।

4. Education की कमजोर Quality

Education free तो है, लेकिन quality बहुत कमजोर है। सरकारी schools में सही पढ़ाई नहीं हो रही, teachers की भारी कमी है और higher/technical education के options भी बेहद limited हैं। इसका सीधा असर students की personality और career growth पर पड़ता है।

5. Health System की दुर्बलता

Hospitals और primary health centers में doctors की कमी है, और facilities outdated हैं। एक आम इंसान को basic इलाज के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है।

6. Migration और मज़दूरी

रोज़गार और education की कमी की वजह से लाखों लोग पलायन करने पर मजबूर हैं। कई बच्चे पढ़ाई छोड़कर मज़दूरी करने लगते हैं। यह न केवल उनके future को रोकता है बल्कि पूरे समाज को backward बनाए रखता है।

7. Image और Social Stigma

Bihar के लोगों को आज भी कई शहरों में “Bihari” शब्द सुनकर insult feel करनी पड़ती है। यह stigma youths के confidence को तोड़ देता है और उनकी growth को indirectly धीमा कर देता है।

Bihar Growth Issue का Real Reason – Weak Governance

Bihar के पिछड़ेपन को समझने के लिए हमने कई छोटे-छोटे कारण देखे — infrastructure की कमी, शिक्षा की कमजोर quality, agriculture की समस्याएँ, health system की दुर्बलता, और लगातार हो रहा migration। लेकिन सवाल ये है कि आखिर इन सब समस्याओं के पीछे असली वजह क्या है?

जवाब है — weak governance। यानी सरकार की नीतियों, योजना-क्रियान्वयन, और जवाबदेही की कमजोरी। यह root cause उन तमाम छोटे-छोटे issues को जन्म देता है और फिर उन्हें सालों तक बनाए रखता है। आइए इसे डेटा और तथ्यों के साथ समझते हैं।

1. Infrastructure पर Governance की नाकामी

    • GSDP Growth Data (2015–2024) दिखाता है कि Bihar कभी double-digit growth करता है (2019–20 से पहले) तो कभी −7.3% तक गिर जाता है (2020)। ये उतार-चढ़ाव इस बात का संकेत है कि policies और investment climate sustainable नहीं है।
    • Strong governance वाले states (जैसे Gujarat या Karnataka) में infrastructure projects लगातार चलते रहते हैं, इसलिए growth stable रहती है। Bihar में प्रोजेक्ट शुरू तो होते हैं, पर land acquisition, corruption और delay की वजह से अधूरे रह जाते हैं।

2. रोजगार और Industry का संकट

    • 2023–24 में भी Bihar का per-capita NSDP ₹60,000 के आसपास है, जबकि national average एक लाख से ऊपर है। यह gap governance failure की तरफ इशारा करता है, क्योंकि policies के ज़रिए industries और investment को attract करने में सरकार नाकाम रही।
    • Manufacturing hubs या IT corridors जैसे projects Tamil Nadu, Karnataka, या Maharashtra में governance efficiency के कारण सफल रहे, लेकिन Bihar में paperwork, corruption और infrastructure की कमी ने private investors को रोक दिया।

3. Agriculture और किसानों की स्थिति

    • Bihar की economy आज भी agriculture पर dependent है, लेकिन irrigation, storage और modern farming techniques में investment नगण्य है।
    • Weak governance का असर यहाँ साफ दिखता है — policies बनती हैं, subsidies का ऐलान होता है, पर ground level पर implementation अधूरा रह जाता है।

4. शिक्षा और Health System

    • Education: Free education schemes और scholarships के बावजूद Bihar के सरकारी स्कूलों में teachers की कमी है और learning outcomes national average से पीछे हैं। यह इसलिए हुआ क्योंकि monitoring और accountability system weak है।
    • Health: IMR (Infant Mortality Rate) पिछले 10 सालों में घटकर ~25–28 पर आया है, पर national average से अभी भी ऊपर है। कारण? Primary health centers पर doctors की कमी और funds के उपयोग में गड़बड़ी।

5. Migration और Social Stigma

    • Lack of jobs और poor education की वजह से लाखों युवा Delhi, Punjab, Mumbai में पलायन करते हैं।
    • Migration सिर्फ रोज़गार की समस्या नहीं है, बल्कि governance failure है — अगर policies और implementation सही होते तो Bihar अपने युवाओं को बाहर भेजने की बजाय state की economy में employ कर पाता।

निष्कर्ष: Weak Governance = Bihar Growth Issue का Root Cause

यही असली कारण है कि बिहार आज भी विकास की दौड़ में पीछे है। जब तक Bihar में governance मजबूत नहीं होगा, तब तक infrastructure, education, farming और employment — किसी भी sector में स्थायी सुधार संभव नहीं है। यही है असली Bihar Growth Issue

Bihar Growth Issue को सही तरह से समझने के लिए हमें केवल बातें नहीं, बल्कि डेटा देखना होगा। यह तालिका Bihar के GDP, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और migration जैसे indicators का real picture पेश करती है।

जानकारी का तालिका — Bihar Growth Issue Indicators

Bihar Growth Issue — Simple Table
Indicator Bihar का डेटा / ट्रेंड तुलना / टिप्पणी Source
GSDP Growth (Real) 2018-19 → 10.86%, 2020-21 → −7.37%, 2022-23 → 9.85% उतार-चढ़ाव ज़्यादा Statisticstimes
Per Capita NSDP (2023-24) ~ ₹60,180 राष्ट्रीय औसत ₹1,00,000+ से कम CEIC / MOSPI
Unemployment Rate ~ 3.9% (2022-23) राष्ट्रीय औसत ~ 3.2% से अधिक NITI Aayog
Literacy Rate ~ 61.8% (2011 Census) राष्ट्रीय औसत से काफी कम Census / NITI
Dropout Rates VIII–X → 39.7% काफी ऊँचा NITI Report
Higher Education GER ~ 15.9% (2021) राष्ट्रीय औसत से नीचे NITI Report
IMR ~ 27 प्रति 1000 जन्म (2020) राष्ट्रीय औसत से अधिक NFHS-5
Migration Exposure ~ 50% परिवार प्रभावित रोजगार अवसर की कमी IIPS / TOI

Bihar Growth Issue का समाधान: Weak Governance से Strong Governance तक का रास्ता

Bihar Growth Issue का असली समाधान governance की कमजोरी को दूर करना है। जब तक policies, planning और ground-level execution मज़बूत नहीं होंगे, तब तक infrastructure, education, health या employment किसी sector में भी स्थायी सुधार नहीं हो पाएगा। आइए विस्तार से देखें कि Bihar किन solutions के जरिए growth की race में शामिल हो सकता है।

1. Strong Governance और Accountability

    • हर project और policy के लिए time-bound implementation ज़रूरी हो।
    • Digital governance और RTI reforms के जरिए corruption को कम किया जा सकता है।
    • Local bodies (Panchayat से लेकर Nagar Nigam तक) को अधिक अधिकार और accountability देना।

2. Infrastructure को Top Priority बनाना

    • Roads, बिजली, transport और internet connectivity पर massive investment।
    • Public-Private Partnership (PPP) model से बड़े प्रोजेक्ट पूरे करना।
    • Smart city और industrial corridor जैसे initiatives को तेज़ करना।

3. रोजगार और Industry Development

    • Special Economic Zones (SEZ) और Industrial hubs बनाना।
    • Agro-based industries (जैसे food processing, dairy, textile) को promote करना।
    • Startups और MSMEs के लिए loan, subsidy और training support।

4. Agriculture Reforms

    • Modern irrigation system (drip irrigation, canal system) को लागू करना।
    • किसानों को fair MSP (Minimum Support Price) और market access देना।
    • Storage, cold chains और food processing units बढ़ाना ताकि किसान को सही दाम मिले।

5. Education और Skill Development

    • Primary schools में quality teachers और digital learning tools।
    • Higher education institutes (IIT, IIM, AIIMS जैसे) Bihar में बढ़ाना।
    • Skill development programs जो local industries से जुड़े हों, ताकि youth को तुरंत रोजगार मिल सके।

6. Health Infrastructure

    • Primary health centres (PHCs) में doctors और modern facilities उपलब्ध कराना।
    • Telemedicine और mobile health vans से rural areas में reach बढ़ाना।
    • Government hospitals में corruption और negligence को रोकने के लिए monitoring system।

7. Migration रोकने और Social Image सुधारने के कदम

    • Local रोजगार और बेहतर education से पलायन कम होगा।
    • Bihar के युवाओं के लिए leadership और entrepreneurship programs
    • Branding campaigns ताकि “Bihari” शब्द insult नहीं बल्कि pride का प्रतीक बने।

✅ निष्कर्ष:

अगर Bihar governance को strong कर लेता है, तो infrastructure से लेकर education और health तक हर sector में बदलाव संभव है। यह न सिर्फ migration और unemployment कम करेगा, बल्कि Bihar की social image को भी बदल देगा। यही असली solution है Bihar Growth Issue का।